Thursday, October 6, 2022

‘Rudra: The Edge Of Darkness’ Summary & Review In Hindi

हाल के वर्षों में OTT प्लेटफ़ॉर्म के व्यापार और दर्शक दोनों का विस्तार हुआ है| यही वजह है कि फ़िल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारों और निर्माताओं ने इस तरफ रूख किया है| पिछले ही हफ्ते नब्बे के दशक की सुपरस्टार माधुरी दीक्षित की वेब सीरीज़ ‘The Fame Game‘ आई थी और अब अजय देवगन ने ‘Rudra: The Edge Of Darkness’ के जरिए OTT की दुनिया में बतौर अभिनेता पदार्पण किया है| लम्बे अन्तराल के बाद ईशा देओल भी इस सीरीज़ से अभिनय की दुनिया में वापसी कर रही हैं|

अजय देवगन की मुख्य भूमिका वाली यह वेब सीरीज़ 2010 में आई ब्रिटिश क्राइम थ्रिलर सीरीज़ ‘Luther’ पर आधारित है| ‘Rudra: The Edge Of Darkness’ एक ऐसे पुलिसवाले की कहानी है जो अपराधियों की तरह सोचने की क्षमता रखता है और कानून के दायरे से बाहर जाकर कानून को बचाने की लड़ाई लड़ता है|


‘Rudra: The Edge Of Darkness’ Plot Summary In Hindi

‘Rudra: The Edge Of Darkness’ में तक़रीबन एक-एक घंटे के कुल 6 एपीसोड हैं| यह सभी एपिसोड DCP रूद्रवीर सिंह (अजय देवगन) की कहानी दिखाते हैं| DCP रूद्रवीर सिंह तेज़ दिमाग वाला एक पुलिस ऑफिसर है, लेकिन अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाता है| उसके इस अनियंत्रित व्यवहार की वजह से मंदार नायक नाम का एक अपराधी कोमा में चला गया| इस दुर्घटना के कारण रूद्र को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था|

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कुछ दिन बाद मुंबई शहर में एक सनसनीखेज डबल मर्डर की घटना सामने आती है| फिलॉसफी के प्रोफ़ेसर और उनकी पत्नी के साथ ही उनके पालतू कुत्ते की भी गोली मार कर हत्या कर दी जाती है| वारदात के समय उनकी इकलौती बेटी आलिया चोकसी (राशी खन्ना) घर पर नहीं थी| पुलिस को क्राइम सीन से कोई सबूत नहीं मिलता| इस मुश्किल केस को सुलझाने के लिए रूद्र को बुलाया जाता है| पूछताछ के दौरान रूद्र को आलिया की बातों और व्यवहार से उसके अपराधी होने का संदेह होता है| परन्तु सबूत? वह तो नहीं थे|

18 साल की उम्र में एस्ट्रोफिजिक्स में पीएचडी कर चुकी और डार्क मेटर में गहरी रूचि रखने वाली आलिया चोकसी बेहद जीनियस लड़की है| हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्तौल को उसने कुत्ते का मुंह फाड़ कर उसके भीतर डाल दिया था| वह जानती थी कि कुत्ते का पोस्टमार्टम नहीं होगा| रूद्र इस तथ्य को जानने के बावजूद सबूत के आभाव में आलिया को गिरफ्तार नहीं कर पाता|

अलिया को लगता है कि पहली बार कोई टक्कर का प्रतिद्वंदी मिला है| वह रूद्र में रूचि लेने लगती है| इधर रूद्र का व्यक्तिगत जीवन भी बहुत अस्त-व्यस्त था| उसकी पत्नी शैला (ईशा देओल) उसे छोड़कर राजीव दत्तानी के साथ लिविंग रिलेशन में रह रही थी|

तीन एपिसोड, तीन केस

एपिसोड 2, 3 और 4 में रूद्रवीर सिंह, तीन अपराधिक मामलों की तफ्तीश करता और उनको अंजाम पर पहुंचता हुआ नज़र आता है| पहली घटना में अशोक निकोसे नाम का एक पूर्व सैन्यकर्मी योजनाबद्ध ढ़ंग से दर्जन भर पुलिस कर्मियों को मौत के घाट उतार देता है, जिससे शहर में दहशत फ़ैल जाती है| अशोक पुलिस विभाग को निशाना क्यों बना रहा था? यह गुत्थी सुलझाते हुए रूद्र अशोक के सज़ायाफ्ता पिता यशवंत निकोसे तक पहुँचता है, जो इन अपराधों का मास्टरमाइंड था|

दूसरी घटना शहनाज़ दारूवाला के अपहरण से जुड़ी हुई थी| पुलिस को शहनाज़ के घर में खून से मृत्यु पर लिखी कुछ पंक्तियाँ मिलती हैं| दस साल पहले ठीक इसी तरह आतिशी किडवानी भी गायब हुई थी| उसके घर की दीवारों में भी इसी तरह खून से लिखी हुई बातें मिली थी| दोनों अपराधों की पड़ताल पुलिस को कलर और पेंट की बजाय अपने खून से पेंटिंग्स बनाने वाले ख्यातिप्राप्त कलाकार सिद्धेश्वर कुमार तक ले जाती है| इस केस को सुलझाने में रूद्र आलिया की मदद लेता है|

तीसरी घटना में मोनिका धर नाम की एक लड़की का कत्ल होता है| कातिल ने उसके पर्स का सारा समान निकाल कर लाश के इर्द-गिर्द सजा दिया था| एक महीने में ठीक इसी तरह के दो केस और भी हो चुके थे| खोजबीन महेश दुबे तक पहुंचती है| अपनी नामर्दगी से वैवाहिक जीवन में हुए नुकसान को वह बाहर नौजवान लड़कियों की हत्या कर पूरा कर रहा था|

पुलिस विभाग के भीतर चोर-सिपाही का खेल

12 करोड़ के हीरों की लूट में शामिल एक अपराधी गोपाल पाठक के तार पुलिस महकमे के एक ऐसे अधिकारी तक पहुंचते हैं जो रूद्र का सबसे अच्छा दोस्त था| वह अधिकारी था, DCP गौतम नवलखा (अतुल कुलकर्णी)| खुद को फंसने से बचाने के लिए गौतम एक के बाद एक कई लोगों की हत्या करता चला जाता है| उसकी अंतिम शिकार रूद्र की पत्नी शैला बनती हैं| ऐसा करके वह रूद्र को फंसाना चाहता है जो कि अब तक गौतम की सच्चाई से परिचित हो चुका था| अपराध और अपराधियों के साथ निर्मम रहने वाला रूद्र अपने दोस्त के साथ क्या करेगा? इस प्रश्न को हल करते हुए ‘Rudra: The Edge Of Darkness’ अपने समापन पर पहुँचती है|


‘Rudra: The Edge Of Darkness’ Review In Hindi

रूद्र-गौतम-आलिया वाली मुख्य कहानी की तुलना में मध्य भाग में आई अपराध संबंधी उपकथाएं कहीं ज्यादा रोचक थीं| मुख्य कहानी बेतरतीब ढ़ंग से चलती है| निर्देशक एक छोर पकड़ता है, तो कई दूसरे छोर छूटते से लगते हैं| पूरी सीरीज़ में मंदार नायक के कोमा से बाहर आ जाने पर किसे बड़े परिणाम की बात कही जाती रही, लेकिन न तो उस पात्र से जुड़ी कोई जानकारी देने और न कोमा से जोड़कर गढ़ी गई उत्सुकता को निर्देशक ने गंभीरता से लिया| इसी तरह अलिया का चरित्र जितनी विस्तृत भूमिका के साथ शुरू हुआ था, अंत तक आते-आते वह अति विलक्षण लड़की ‘मोना डार्लिंग’ टाइप सहयोगी के स्तर तक सिमट कर रह जाती है|

रूद्र समेत किसी भी चरित्र में भावनात्मक गहराई नहीं है| कई बार जाँच-पड़ताल के दौरान रूद्र इतने अजीबोगरीब ढ़ंग से निष्कर्षों पर पहुँचता है कि हास्यास्पद लगने लगता है| इस वेब सीरीज़ में नायक से खलनायक तक की यात्रा करने वाले अतुल कुलकर्णी का चरित्र आधे से ज्यादा एपिसोड में अजय देवगन से ‘और सब ठीक?” जैसे प्रश्न पूछने से ज्यादा कुछ भी नहीं करता और आखिरी में बेहद कृत्रिम ढ़ंग से खलनायक बनकर सामने खड़ा हो जाता है|

अजय देवगन अपनी ज्यादातर फिल्मों की तरह यहाँ भी अजय देवगन ही लगते रहे| जॉन अब्राहम की बहुप्रशंसित फ़िल्म ‘मद्रास कैफे’ से अपना अभिनय का सफ़र शुरू करने वाली राशी खन्ना आलिया के रूप में कोई विशेष प्रभाव नहीं छोड़ पाई हैं|

2012 में ‘फ़रारी की सवारी’ और 2016 में ‘वेंटिलेटर’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके राजेश मापुस्कर को ‘Rudra: The Edge Of Darkness’ से खुद को साबित करने में कोई फायदा नहीं मिलेगा|


‘Rudra: The Edge Of Darkness’ डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर देखी जा सकती है|

Suman Lata
Suman Lata
Suman Lata completed her L.L.B. from Allahabad University. She developed an interest in art and literature and got involved in various artistic activities. Suman believes in the idea that art is meant for society. She is actively writing articles and literary pieces for different platforms. She has been working as a freelance translator for the last 6 years. She was previously associated with theatre arts.

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