Tuesday, December 7, 2021

‘Sanak’ Hindi Review – एक्शन ही एक्शन, और कुछ भी नहीं

कुछ आतंकियों द्वारा अपना मकसद हासिल करने के लिए एक अस्पताल पर हमला करना और वहाँ के कर्मचारियों, मरीजों को बंधक बना लेना, एक ऐसी परिस्थिति है जिसमें ड्रामा और एक्शन की भरपूर संभावना मौजूद है| ज़ी स्टूडियो और सनशाइन प्रोडक्शन की फ़िल्म ‘Sanak: Hope Under Siege’, इस संभावना को तलाशने का प्रयास करती है| 


‘Sanak’ Plot Summary in Hindi

अस्पताल पर हमला  

फिल्म का नायक विवान आहूजा (विद्युत जामवाल) मिक्स मार्शल आर्ट्स (MMA) ट्रेनर है| उसकी पत्नी अंशिका मैत्रा (रुक्मणि मैत्रा) को दिल की अनुवांशिक बीमारी हाइपरट्रोफिक कार्डियोमायोपैथी है| इस बीमारी में दिल समय के साथ धीरे-धीरे काम करना बंद कर देता है| अंशिका के दिल का ऑपरेशन जिस ग्रीन हिल्स मल्टीस्पेशियलटी हॉस्पिटल में हो रहा था, उसे ही आगे आने वाली घटनाओं का केंद्र बनना था| जिस दिन अंशिका अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाली थी, उस दिन वहाँ आतंकी हमला हो जाता है| आतंकी 10-15 की संख्या में, जिनमें बहुत सारे विदेशी भी थे, ग्रीन हिल्स अस्पताल पर हमला बोल देते हैं और वहाँ मौजूद लोगों को बंधक बना लेते हैं| हमले की अगुवाई संजू (चंदन राय सान्याल) नाम का आतंकी कर रहा था | मुंबई पुलिस की तरफ से एसीपी जयति भार्गव (नेहा धूपिया) ने कमान संभाला था |

अस्पताल पर हमला क्यों किया गया था ? 

हमले से एक घंटे पहले आर्थर रोड जेल के एक हाई प्रोफाइल कैदी को पेसमेकर फेल होने के कारण ग्रीन हिल्स मल्टीस्पेशियलटी हॉस्पिटल अस्पताल में भर्ती कराया गया था| एसीपी जयति को अस्पताल में आतंकी हमले और हाई प्रोफाइल कैदी की मौजूदगी के बीच कुछ न कुछ संबंध की आशंका होती है| उसकी आशंका निराधार नहीं थी| वास्तव में उस कैदी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए ही अस्पताल पर यह हमला किया गया था| 

वह हाई प्रोफाइल कैदी कौन था, जिसके लिए अस्पताल पर हमला हुआ था?    

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आर्थर रोड जेल के उस कैदी का नाम अजय पाल सिंह (किरण करमाकर) था | वह पहुँचा हुआ हथियार विक्रेता था, जो एक बड़े हथियार कार्टल का हिस्सा था| वह कई सालों से सेना को ख़राब हथियारों की सप्लाई करके, जबरदस्त मुनाफा कमा रहा था| इन ख़राब हथियारों की वजह से ही लेह में भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो चुके थे| चार महीने पहले अजय पाल सिंह को दुबई से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था| अजय पाल के ज़रिए पुलिस पूरे कार्टल तक पहुँच सकती है, इस खतरे से बचने के लिए अजय पाल को छुड़ाने के मकसद से इस आतंकी हमले की साजिश रची गई और इसे अंजाम देने के लिए प्रोफेशनल आतंकियों की मदद ली गई| 

क्या आतंकी अपने मकसद में कामयाब हो पाते हैं?

संजू, अस्पताल पर हमले करने के इस मिशन की तैयारी पिछले चार महीने से कर रहा था| लेकिन अब उसके मिशन की सफलता की राह में विवान एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा था| वह अकेले ही संजू के 9 लोगों को मार चुका है| विवान ने अजय पाल सिंह के नए पेसमेकर का गोपनीय UID नंबर भी मालूम कर लिया जिसके जरिए वह संजू पर बंधकों को छोड़ने और आत्मसमर्पण करने का दबाव बनाता है| इस दबाव से निपटने के लिए संजू के पास भी एक ट्रंप कार्ड है एसीपी जयति भार्गव की लड़की जो हमले के समय अस्पताल में थी| जयति पर भावनात्मक दबाव बनाने के लिए आतंकी उसकी बेटी के शरीर पर बम लगा देते हैं| अस्पताल के सभी प्रवेश और निकासी पर भी प्लास्टिक विस्फोटक लगे हुए थे, इसलिए पुलिस और बम निरोधक दस्ता अस्पताल के अन्दर नहीं जा पा रहा था | इस स्थिति में विवान अकेले बंधकों की ज़िन्दगी कैसे बचाता है, बाकि बची हुई फ़िल्म में कुल मिलाकर यही दिखाया गया है| 


‘Sanak’ के पात्र और एक्शन  

एक्शन हीरो को अभिनय पर भी ध्यान देना चाहिए 

विद्युत जामवाल का USP उनका एक्शन है | उनके प्रशंसक भी उन्हें एक्शन करते हुए देखना चाहते हैं इसलिए लेखक आशीष प्रकाश वर्मा ने फिल्म के नायक विवान आहूजा को मिक्स मार्शल आर्ट्स ट्रेनर बना दिया जिससे कि कहानी में हीरो के लिए थोक के भाव एक्शन करने की जगह बनी रहे और उसका कुशलतापूर्वक एक्शन करना अतार्किक भी न लगे| इसमें कोई दो राय नहीं है कि विद्युत जामवाल एक्शन सीन करते हुए बेहद विश्वसनीय लगते हैं, लेकिन यही बात उनके अभिनय के लिए नहीं कही जा सकती है| उन्हें अब अपने अभिनय पर भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि केवल एक्शन के बदौलत फिल्मों में वह लम्बी पारी नहीं खेल सकते हैं| 

अभिनय के मामले में ‘पंचायत’ वेब सिरीज़ वाले चन्दन राय कम सीन होने के बावजूद ध्यान खींचते हैं| संजू का किरदार निभाने वाले अभिनेता चंदन राय सान्याल ने भी बखूबी    अपना काम किया है| रुक्मणि मैत्रा के करने के लिए फ़िल्म में कुछ खास नहीं था और नेहा धूपिया के चरित्र को बहुत सीमित दायरे में रखा गया है|

फ़िल्म के असली स्टार तो एक्शन डायरेक्टर हैं |    

एक्शन डायरेक्टर एंडी लॉन्ग न्गुयेन की तारीफ करनी होगी, उन्होंने विद्युत जामवाल के लिए ज़ोरदार एक्शन सिक्वेंस बनाए हैं | एंडी लॉन्ग न्गुयेन ने अस्पताल के परिवेश में उपलब्ध सामान जैसे MRI मशीन, वॉकर, जिम बॉल आदि का इस्तेमाल कर बेहद रोमांचक एक्शन सीन बनाए हैं| 

जयति, एसीपी है या विवान की सहायक ?

फिल्मों में महिला की अबला सरीखी छवि को ध्वस्त करते हुए आजकल बेहद सख्त मिजाज़ वाली समर्थ, आक्रामक महिला पुलिस ऑफिसर के चरित्र गढ़े जा रहे हैं| यह अलग बात है कि जितना अतिरेक महिला की अबला छवि में था, उतना ही अतिरेक तथाकथित सबला छवि में भी हैं | जयति इतनी आक्रामक और सख्त पुलिस ऑफिसर है कि एक झटके में पुरुष जननांगों पर हाथ रख सकती हैं | बावजूद इसके जहाँ असली दमखम दिखाने का मौका आता है, यानि कि अस्पताल में बंधकों को सही सलामत छुड़ाना और आतंकियों को पकड़ना, वहाँ कहानी के लेखक जयति की जगह विवान पर भरोसा करते हैं| जयति के साथ पूरा पुलिस बल और संसाधन होने के बावजूद वह अस्पताल के बाहर केवल निर्देश देने और लेने के सिवाय कुछ नहीं करती है| इधर विवान अकेले ही सारा मोर्चा संभाल लेता है| महिला को पुलिस ऑफिसर तो बना दिया लेकिन वह भी हिरोइन की तरह बस हीरो की सहायक बन कर रह जाती है | 


अंत में 

अगर आप विद्युत जामवाल के एक्शन को पसंद करते हैं तो आपके लिए फ़िल्म में फिर भी कुछ मनोरंजन है| बाकी लोग अपने रिस्क पर फ़िल्म देख सकते हैं|     


Sanak फ़िल्म डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर उपलब्ध है |  

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Suman Lata
Suman Lata
Suman Lata completed her L.L.B. from Allahabad University. She developed an interest in art and literature and got involved in various artistic activities. Suman believes in the idea that art is meant for society. She is actively writing articles and literary pieces for different platforms. She has been working as a freelance translator for the last 6 years. She was previously associated with theatre arts.

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