Sunday, June 20, 2021

One Flew Over the Cuckoo’s Nest से Ratched तक।

सन 1962 में Ken Kesey’s ने एक उपन्यास लिखा था One Flew Over the Cuckoo’s Nest. इसी उपन्यास को केंद्र में रखकर निर्देशक मिलोस फोरमैन ने सन 1975 में इसी नाम से एक शानदार फिल्म बनाई थी, जो अभिनेता जैक निकॉलसन के जादुई अभिनय से सुसज्जित था। फिल्मप्रेमी आज भी इस फिल्म को बड़े ही आदर और सत्कार के साथ देखते हैं और अभिनय के विद्यार्थी इसे देखकर अभिनय का पाठ पढ़ते हैं। अब इसी उपन्यास को केंद्र में रखकर नेटफ्लिक्स पर आठ भागों में एक वेबसिरिज़ Ratched नाम से आई है। सीरीज़ के इस पहले भाग में कुछ आठ अध्याय हैं और एकाध जगह के अपवादों को छोड़कर पूरी सीरीज़ से न कभी ध्यान हटता है और ना ही कभी आंखें। आंखों के न हटने के पीछे की वजह इसकी अद्भुत छायांकन है।

सीरीज़ Ratched का एक-एक फ्रेम किसी शानदार पेंटिंग की तरह सुसज्जित है और रंगों और फ्रेम में रखी सामग्रियों का प्रयोग अद्भुत है। रंग और दृश्य की भव्यता आंखों के सहारे सीधे दिल में उतरने का माद्दा रखते हैं, इस जादुई संसार को छायाकार Nelson Cragg, Blake McClure, Andrew Mitchell और Simon Dennis ने बड़ी ही कुशलतापूर्वक रचा है। इस मनोविज्ञानिक ड्रामा थ्रिलर के रचनाकर्म की कमान संभाली है रियान मर्फी ने।

सिरीज़ की वस्त्र परिकल्पना, रूप सज्जा और केश सज्जा भी देखते ही बनती है। यह सब मिलकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे किसी शानदार पेंटर ने यह अद्भुत चलती-फिरती परिकल्पना कुछ ऐसे साकार की है कि कई सारे फ्रेम तो आप अपने स्क्रीन को पॉज़ करके निहारते रहते हैं। यह सब अगर स्वाभविक और पारंपरिक रूप से सम्पन्न की गई है तब तो अतिउत्तम और कम्प्यूटर और ग्राफ़िक्स की सहायता से सम्पन्न हुई है तब भी बढ़िया। वैसे भी देखनेवालों यानि उपभोक्ताओं को अमूमन उपभोग से मतलब होता है, उसकी प्रक्रिया से नहीं। वऐसे भी अब समय दर्शक का काम उपभोक्ता का ज़्यादा है। अब यह होना चाहिए था कि नहीं यह एक अलग विमर्श का विषय है।

अब जहां तक सवाल कहानी यानि कि पटकथा की है तो वो एकदम चुस्त-दुरुस्त है और थ्रिलर में कथा और सम्पादन का महत्व कुछ ज़्यादा ही है, उस पैमाने पर भी यह सीरीज़ एकाध सपने वाले दृश्यों को छोड़कर निराश नहीं करती है। यहां लगभग हर चरित्र अपनेआप में रहस्य और रोमांच से भरपूर है और कब कौन क्या कर बैठे इसका अनुमान लगाना सहज नहीं है। आराम-आराम से चलते हुए कब बड़े आराम से एक बड़ी घटना या दुर्घटना घटित हो जाती है, पता नहीं चलता। यहां साजिश है, हत्या है, पागलपन है, जोश है, जुनून है, क्रूरता है और ज़रूरत के हिसाब से सेक्स भी है और जहां तक सवाल कथा का है तो वो तो विश्वप्रसिद्ध है ही। सबसे ज़रूरी बात यह कि अगर आपने उपन्यास पढ़ी है और जैक निकोलसन वाली फिल्म देख भी रखी है फिर भी Ratched सीरीज़ आपकी उत्सुकता बरकारा रखती है।

जैक वाली फिल्म जितनी ज़्यादा यथार्थवादी है, Ratched उतनी ही ज़्यादा सुरुचिपूर्ण (stylish) और भारत में यह हिंदी रूपांतरण के साथ उपलब्ध है। रूपांतरण वैसे तो स्तरीय है लेकिनअमूमन रूपांतरण में एक आम समस्या होती है वो यह कि चुकी यह रूपांतरण एक ऐसा कलाकार कर रहा होता/ती है जिसने उसमें अभिनय नहीं किया है। तो वो साफ-सुथरा और स्वक्ष तो बोल रहा होता है लेकिन चरित्र के मनोभाव को अपनी आवाज़ में नहीं ला पाता है, इसलिए कड़ी मेहनत के बाद भी उन आवाज़ों में चरित्र की आत्मा समाहित नहीं होती और वो ज़रूरत से ज़्यादा सजावटी, बनावटी या कई बार हास्यास्पद भी हो जाता है। इस सीरीज़ का रूपांतरण भी इस बात से अछूता नहीं है। वैसे भी जो आंनद असली में है वो कहीं और कहां, इसलिए अगर संभव है तो इस सीरीज़ को असली आवाज़ में ही देखिए, नहीं तो हिंदी का अनुवाद तो है ही।

अब जहां तक सवाल अभिनय का है तो सब मझे हुए अभिनेता है जिन्हें पता है कि अभिनय किसे कहते हैं और वो कैसे किया जाता है, तो अभिनय भी स्तरीय है। अब कोई जैक निकॉलसन के टक्कर का अभिनय यहां कर पा रहा है या नहीं, यह बात इस सीरीज़ को देखकर आप ख़ुद ही तय कीजिए। वैसे कुछ आठ भागों में विभक्त Ratched जहां ख़त्म होती है वहां से दूसरे भाग के आने की संभावना प्रबल हो जाती है और उम्मीद है जल्द ही इसका दूसरा भाग भी देखने को मिलने वाला है। हां, बच्चों और कमज़ोर दिमाग को इस सीरीज़ से दूर ही रहने की सलाह है, बाक़ी आपकी अपनी इच्छा।


Ratched सीरीज़ नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है

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पुंज प्रकाश
पुंज प्रकाश
Punj Prakash is active in the field of Theater since 1994, as Actor, Director, Writer, and Acting Trainer. He is the founder member of Patna based theatre group Dastak. He did a specialization in the subject of Acting from NSD, NewDelhi, and worked in the Repertory of NSD as an Actor from 2007 to 2012.

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